समय को मापने के लिए 'महीना' सबसे महत्वपूर्ण इकाइयों में से एक है। चाहे वह स्कूल की छुट्टियां हों, दफ्तर की डेडलाइन या फिर त्योहारों का इंतजार, हमारी पूरी दुनिया इन 12 महीनों के इर्द-गिर्द घूमती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जनवरी को जनवरी ही क्यों कहते हैं? या फिर हिंदू कैलेंडर में चैत्र और वैशाख का क्या महत्व है?
इस लेख में हम न केवल 'Mahino Ke Naam' जानेंगे, बल्कि उनके नामकरण के पीछे छिपी दिलचस्प कहानियों और विभिन्न कैलेंडर्स के अंतर को भी समझेंगे।

ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार महीनों के नाम (अंग्रेजी और हिंदी)
आज के समय में दुनिया भर में आधिकारिक कार्यों के लिए 'ग्रेगोरियन कैलेंडर' (Gregorian Calendar) का उपयोग किया जाता है। इसमें साल की शुरुआत 1 जनवरी से होती है। नीचे इनके नाम और उनमें दिनों की संख्या दी गई है:
अंग्रेजी नाम (English) | हिंदी उच्चारण (Hindi) | दिनों की संख्या (Days) |
|---|---|---|
January | जनवरी | 31 |
February | फरवरी | 28/29 |
March | मार्च | 31 |
April | अप्रैल | 30 |
May | मई | 31 |
June | जून | 30 |
July | जुलाई | 31 |
August | अगस्त | 31 |
September | सितंबर | 30 |
October | अक्टूबर | 31 |
November | नवंबर | 30 |
December | दिसंबर | 31 |
महीनों के नामों का रहस्य: उत्पत्ति और अर्थ
अंग्रेजी महीनों के नाम प्राचीन रोमन देवताओं, सम्राटों और लैटिन गिनती पर आधारित हैं। आइए इनके पीछे के इतिहास को जानते हैं:
जनवरी: यह नाम रोमन देवता 'जेनस' (Janus) के नाम पर है। जेनस के दो चेहरे थे—एक आगे की ओर और एक पीछे की ओर। इसी तरह जनवरी बीते साल को पीछे छोड़ नए साल की ओर देखने का प्रतीक है।
फरवरी: यह लैटिन शब्द 'Februa' से आया है, जिसका अर्थ है 'शुद्धिकरण'। प्राचीन रोम में इस महीने में पापों की शुद्धि का त्योहार मनाया जाता था।
मार्च: रोमन युद्ध के देवता 'मार्स' (Mars) के नाम पर यह महीना रखा गया। पुराने समय में ठंड खत्म होने के बाद इसी महीने से सैन्य अभियान शुरू होते थे।
अप्रैल: लैटिन शब्द 'Aperire' से लिया गया है, जिसका अर्थ है 'खोलना'। यह वसंत ऋतु का समय होता है जब फूल और कलियां खुलती हैं।
मई: विकास की देवी 'मइया' (Maia) के नाम पर।
जून: विवाह की रोमन देवी 'जूनो' (Juno) के सम्मान में।
जुलाई: रोमन सम्राट जूलियस सीजर (Julius Caesar) के नाम पर, क्योंकि उनका जन्म इसी महीने में हुआ था।
अगस्त: सम्राट ऑगस्टस सीजर के नाम पर।
सितंबर से दिसंबर: ये नाम लैटिन गिनती (7, 8, 9, 10) पर आधारित हैं। लैटिन में Septem का अर्थ 7, Octo का 8, Novem का 9 और Decem का अर्थ 10 होता है। (शुरुआत में रोमन कैलेंडर 10 महीनों का ही था)।
भारतीय हिंदू कैलेंडर (हिन्दू पंचांग) के अनुसार महीनों के नाम
भारतीय संस्कृति में महीनों का निर्धारण चंद्रमा की कलाओं और नक्षत्रों के आधार पर किया जाता है। हिंदू नववर्ष की शुरुआत अक्सर मार्च-अप्रैल (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा) से होती है।
हिंदी मास का नाम | संबंधित नक्षत्र | अंग्रेजी महीने का समय |
|---|---|---|
चैत्र | चित्रा | मार्च - अप्रैल |
वैशाख | विशाखा | अप्रैल - मई |
ज्येष्ठ | ज्येष्ठा | मई - जून |
आषाढ़ | पूर्वाषाढ़ा | जून - जुलाई |
श्रावण | श्रवण | जुलाई - अगस्त |
भाद्रपद | पूर्वाभाद्रपद | अगस्त - सितंबर |
आश्विन | अश्विनी | सितंबर - अक्टूबर |
कार्तिक | कृत्तिका | अक्टूबर - नवंबर |
मार्गशीर्ष | मृगशिरा | नवंबर - दिसंबर |
पौष | पुष्य | दिसंबर - जनवरी |
माघ | मघा | जनवरी - फरवरी |
फाल्गुन | उत्तर फाल्गुनी | फरवरी - मार्च |
इस्लामिक कैलेंडर (हिजरी) के महीनों के नाम
इस्लामिक कैलेंडर पूरी तरह से चंद्रमा पर आधारित है। इसमें प्रत्येक महीना चांद दिखने के साथ शुरू होता है।
मुहर्रम (Muharram): नया साल।
सफर (Safar): दूसरा महीना।
रबी-उल-अव्वल (Rabi al-Awwal): पैगंबर मोहम्मद का जन्म महीना।
रबी-उल-थानी (Rabi al-Thani): चौथा महीना।
जुमादा-उल-अव्वल (Jumada al-Awwal): पांचवां महीना।
जुमादा-उल-थानी (Jumada al-Thani): छठा महीना।
रजब (Rajab): एक पवित्र महीना।
शाबान (Sha'ban): इबादत का महीना।
रमजान (Ramadan): रोजे और बरकत का महीना।
शव्वाल (Shawwal): ईद-उल-फितर इसी महीने में आती है।
धुल-कादा (Dhu al-Qi'dah): ग्यारहवां महीना।
धुल-हिज्जा (Dhu al-Hijjah): हज और कुर्बानी का महीना।
महीनों से जुड़े कुछ रोचक वैज्ञानिक तथ्य
फरवरी में 28 या 29 दिन क्यों? पृथ्वी सूर्य का चक्कर 365.25 दिनों में लगाती है। वह जो 0.25 (एक चौथाई) हिस्सा बचता है, उसे हर 4 साल में मिलाकर एक दिन बना दिया जाता है, जिसे 'लीप ईयर' कहते हैं। यही कारण है कि हर चौथे साल फरवरी 29 दिन की होती है।
चंद्रमा का चक्र: एक चंद्र मास लगभग 29.5 दिनों का होता है। यही कारण है कि चंद्र कैलेंडर्स (जैसे हिंदू और इस्लामिक) के साल अंग्रेजी साल की तुलना में 10-11 दिन छोटे होते हैं।
30 और 31 दिन का हिसाब: अपने हाथ की मुट्ठी बांधकर 'नक्कल' (Knuckles) के जरिए आप महीनों के दिनों को याद रख सकते हैं। उभरे हुए हिस्से 31 दिन और गहरे हिस्से 30 (या फरवरी) दिन दर्शाते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
साल का पहला महीना कौन सा है?
ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार जनवरी साल का पहला महीना है।
हिंदू कैलेंडर का पहला महीना कौन सा होता है?
हिंदू कैलेंडर का पहला महीना 'चैत्र' होता है, जो वसंत ऋतु में शुरू होता है।
किस महीने में सबसे कम दिन होते हैं?
फरवरी में सबसे कम दिन (28 या 29) होते हैं।
एक साल में कुल कितने हफ्ते होते हैं?
एक सामान्य साल में कुल 52 हफ्ते और 1 दिन होता है।
इस्लामिक कैलेंडर में कुल कितने दिन होते हैं?
इसमें साल में लगभग 354 या 355 दिन होते हैं।
जुलाई और अगस्त दोनों में 31 दिन क्यों हैं?
इतिहास के अनुसार, सम्राट ऑगस्टस चाहते थे कि उनके नाम वाले महीने (अगस्त) में भी उतने ही दिन हों जितने जूलियस सीजर के महीने (जुलाई) में थे।
नक्षत्रों के आधार पर हिंदू महीनों के नाम क्यों हैं?
पूर्णिमा के दिन चंद्रमा जिस नक्षत्र में होता है, उसी नक्षत्र के आधार पर उस महीने का नाम रखा गया है।
लीप ईयर कब आता है?
हर वह साल जो 4 से पूरी तरह विभाजित हो जाए (जैसे 2024, 2028), लीप ईयर होता है।
अक्टूबर का नाम 'आठ' (Octo) पर क्यों है जबकि यह 10वां महीना है?
क्योंकि प्राचीन रोमन कैलेंडर मार्च से शुरू होता था, तब अक्टूबर 8वें स्थान पर आता था। बाद में जनवरी-फरवरी जुड़ने से इसका क्रम बदल गया।
हिंदी के महीनों को याद रखने का आसान तरीका क्या है?
ऋतुओं के साथ जोड़कर (जैसे फाल्गुन में होली, कार्तिक में दीपावली) इन्हें आसानी से याद रखा जा सकता है।
निष्कर्ष
महीनों के नाम केवल समय बताने का जरिया नहीं हैं, बल्कि ये मानव सभ्यता के इतिहास, सितारों की चाल और हमारी धार्मिक आस्थाओं का प्रतिबिंब हैं। चाहे हम 'जनवरी' कहें या 'माघ', हर नाम के पीछे हजारों साल पुरानी परंपरा छिपी है। उम्मीद है कि 'Mahino Ke Naam Hindi Mein' पर आधारित यह विस्तृत जानकारी आपको पसंद आई होगी। समय की इस गणना को समझकर हम अपनी संस्कृति और विज्ञान दोनों के करीब पहुँचते हैं।


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