आज के समय में अगर आपको कंप्यूटर नहीं आता, तो समझ लीजिए कि आप दुनिया की आधी रफ़्तार से पीछे चल रहे हैं। चाहे सरकारी नौकरी हो या छोटा-मोटा बिजनेस, हर जगह डिजिटल कामकाज का बोलबाला है। ऐसे में सवाल आता है कि शुरुआत कहाँ से करें? क्या कोई ऐसा कोर्स है जो बहुत कम समय में हमें कंप्यूटर का "बेसिक मास्टर" बना दे? जी हां, इसी जरूरत को पूरा करने के लिए भारत सरकार की संस्था NIELIT ने ACC (Awareness in Computer Concepts) कोर्स तैयार किया है।
इस लेख में हम समझेंगे कि एसीसी कोर्स क्या है, यह आपके लिए क्यों जरूरी है और कैसे आप इसे करके अपनी डिजिटल लाइफ को आसान बना सकते हैं।

ACC Computer Course क्या है?
ACC का पूरा नाम Awareness in Computer Concepts है। जैसा कि नाम से ही साफ है, यह कोर्स आपको कंप्यूटर की "जागरूकता" (Awareness) देने के लिए बनाया गया है। इसे नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (NIELIT) द्वारा संचालित किया जाता है, जो मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी, भारत सरकार के अंतर्गत आता है।
आसान शब्दों में कहें तो, अगर आपने आज तक कभी कंप्यूटर को हाथ भी नहीं लगाया है, तो यह कोर्स आपके लिए पहला कदम है। यह आपको डर भगाने और माउस-कीबोर्ड के साथ दोस्ती करने का मौका देता है। यह केवल एक सर्टिफिकेट नहीं है, बल्कि आज की डिजिटल दुनिया में सर्वाइव करने के लिए एक जरूरी स्किल सेट है।
एसीसी कोर्स का मुख्य उद्देश्य (ACC Course Mission)
सरकार ने इस कोर्स को किसी खास प्रोफेशनल डिग्री के तौर पर नहीं, बल्कि एक 'सोशल मिशन' के तौर पर शुरू किया है। इसका मुख्य उद्देश्य समाज के उस वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ना है जो अभी भी टेक्नोलॉजी से दूर है।
डिजिटल साक्षरता: हर व्यक्ति को कम से कम इतना सिखाना कि वह अपना कंप्यूटर खुद चालू कर सके और बेसिक काम कर सके।
आत्मनिर्भरता: छोटे-छोटे कामों के लिए (जैसे बिजली बिल भरना या ट्रेन टिकट बुक करना) दूसरों पर निर्भर न रहना पड़े।
बैंकिंग की समझ: लोगों को सुरक्षित ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और धोखाधड़ी से बचने के तरीके समझाना।
सरकारी योजनाओं की पहुँच: ई-गवर्नेंस के माध्यम से सीधे सरकारी सेवाओं का लाभ उठाना सिखाना।
ACC कंप्यूटर कोर्स का महत्व: आपको यह क्यों करना चाहिए?
कल्पना कीजिए कि आपको बैंक जाना है सिर्फ बैलेंस चेक करने के लिए या फिर लाइन में लगना है गैस सिलेंडर बुक करने के लिए। क्या यह समय की बर्बादी नहीं है? ACC कोर्स आपको सिखाता है कि ये सारे काम आप अपने घर बैठे स्मार्टफोन या कंप्यूटर से कैसे कर सकते हैं।
जॉब मार्केट में बढ़त: आजकल चपरासी से लेकर डेटा एंट्री ऑपरेटर तक, हर किसी को बेसिक कंप्यूटर ज्ञान होना अनिवार्य है।
सुरक्षित इंटरनेट उपयोग: अक्सर लोग इंटरनेट पर अपनी निजी जानकारी लीक कर देते हैं। यह कोर्स आपको "साफ-सुथरा और सुरक्षित" इंटरनेट चलाना सिखाता है।
ई-गवर्नेंस का ज्ञान: प्रधानमंत्री आवास योजना हो या किसान सम्मान निधि, सभी के फॉर्म ऑनलाइन भरे जाते हैं। एसीसी कोर्स आपको इन पोर्टल का उपयोग करना सिखाता है।
एसीसी कोर्स के लिए पात्रता (Eligibility Criteria)
सबसे अच्छी बात यह है कि इस कोर्स को करने के लिए आपको किसी बड़ी डिग्री या 10वीं-12वीं पास होने की भी अनिवार्य शर्त नहीं है (हालांकि बेसिक समझ के लिए इतना होना अच्छा है)।
शैक्षणिक योग्यता: कोई औपचारिक न्यूनतम योग्यता नहीं है।
भाषा: आपको बुनियादी अंग्रेजी और अपनी स्थानीय भाषा की समझ होनी चाहिए क्योंकि कंप्यूटर की कमांड अक्सर अंग्रेजी में होती है।
उम्र सीमा: किसी भी उम्र का व्यक्ति (छात्र, गृहिणी, बुजुर्ग या कर्मचारी) इसे कर सकता है।
Awareness in Computer Concepts (ACC) कोर्स की पूरी जानकारी
अगर आप इस कोर्स में दाखिला लेना चाहते हैं, तो आपको इसकी टेक्निकल बनावट के बारे में पता होना चाहिए।
कोर्स प्रोवाइडर (Who provides the course?)
यह पूरी तरह से NIELIT (National Institute of Electronics & Information Technology) द्वारा मान्यता प्राप्त है। प्राइवेट संस्थानों से कोर्स करने पर ध्यान दें कि वे NIELIT से संबद्ध (Affiliated) हों, ताकि आपको मिलने वाले सर्टिफिकेट की सरकारी वैल्यू हो।
कोर्स की अवधि (Duration)
यह कोर्स बहुत ही छोटा और "टू-द-पॉइंट" है।
कुल समय: 20 घंटे।
थ्योरी: 9 घंटे (कांसेप्ट समझने के लिए)।
प्रैक्टिकल: 11 घंटे (कंप्यूटर पर हाथ साफ करने के लिए)।
कोचिंग का समय: कई प्राइवेट इंस्टिट्यूट इसे अपनी सुविधा के अनुसार 1 महीने या 3 महीने के फॉर्मेट में भी पढ़ाते हैं ताकि छात्र गहराई से प्रैक्टिस कर सकें।
कोर्स का मोड (Mode of Study)
यह मुख्य रूप से ऑफलाइन मोड में होता है। कंप्यूटर एक ऐसी चीज है जिसे आप सिर्फ पढ़कर नहीं सीख सकते, उसे छूना और चलाना पड़ता है। इसलिए आपको अपने नजदीकी NIELIT सेंटर या अधिकृत ट्रेनिंग सेंटर पर जाना होगा।
ACC Computer Course का विस्तृत सिलेबस
NIELIT ने सिलेबस को इस तरह डिजाइन किया है कि 20 घंटों में आप कंप्यूटर के हर जरूरी पहलू को छू लें। यहाँ इसके मुख्य चैप्टर्स की जानकारी दी गई है:
कंप्यूटर का परिचय (Introduction to Computer)
यहाँ आप सीखेंगे कि कंप्यूटर असल में है क्या? हार्डवेयर (Hardware) और सॉफ्टवेयर (Software) में क्या अंतर है? सीपीयू, माउस और कीबोर्ड कैसे काम करते हैं?
कंप्यूटर सिस्टम का संचालन (Operating a Computer System)
इसमें आपको विंडोज (Windows) जैसे ऑपरेटिंग सिस्टम के बारे में बताया जाता है। डेस्कटॉप क्या है? फाइल्स और फोल्डर कैसे बनाए जाते हैं? कंप्यूटर को शटडाउन करने का सही तरीका क्या है?
वर्ड प्रोसेसर का उपयोग (Working with Word Processor)
यह बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है। यहाँ आप MS Word या इसी तरह के सॉफ्टवेयर में लेटर लिखना, बायोडाटा (Resume) बनाना, टेक्स्ट को बोल्ड-इटैलिक करना और डॉक्यूमेंट को प्रिंट करना सीखते हैं।
इंटरनेट और सूचना खोजना (Introduction to Internet)
इंटरनेट की दुनिया में कैसे प्रवेश करें? ब्राउजर (Google Chrome आदि) का उपयोग कैसे करें? किसी जानकारी को गूगल पर सर्च करने का सही तरीका क्या है?
ई-मेल के साथ काम करना (Working with E-mail)
अपना ईमेल अकाउंट बनाना, ईमेल भेजना, अटैचमेंट (जैसे फोटो या पीडीएफ) जोड़ना और आए हुए ईमेल का जवाब देना यहाँ सिखाया जाता है।
वित्तीय साक्षरता और ई-गवर्नेंस (Financial Literacy & E-Governance)
यह चैप्टर आपको स्मार्ट बनाता है। इसमें डिजिटल वॉलेट, यूपीआई (UPI), नेट बैंकिंग और सरकारी वेबसाइट्स (जैसे आधार या पैन कार्ड पोर्टल) के इस्तेमाल की जानकारी दी जाती है।
एसीसी कंप्यूटर कोर्स करने के जबरदस्त फायदे
यह कोर्स छोटा जरूर है, लेकिन इसके फायदे आपकी लाइफस्टाइल बदल सकते हैं।
दस्तावेज प्रबंधन: अब आपको अपनी मार्कशीट या आईडी प्रूफ की फोटोकॉपी ढूंढने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। आप उन्हें स्कैन करके कंप्यूटर में सुरक्षित रखना सीख जाएंगे।
समय और पैसे की बचत: घर बैठे बिल पेमेंट और फॉर्म भरने से आपके आने-जाने का किराया और समय दोनों बचते हैं।
धोखाधड़ी से बचाव: जब आपको पता होगा कि ओटीपी (OTP) क्या है और इसे किसके साथ शेयर नहीं करना है, तो आप ऑनलाइन फ्रॉड से बच पाएंगे।
आत्मविश्वास में वृद्धि: जब आप खुद अपना रेलवे टिकट बुक करते हैं या ईमेल भेजते हैं, तो आपका कॉन्फिडेंस लेवल बढ़ जाता है।
ACC कोर्स के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step Guide)
अगर आप खुद से आवेदन करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें:
वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले NIELIT के स्टूडेंट पोर्टल https://student.nielit.gov.in पर जाएं।
रजिस्ट्रेशन: 'Apply Online' के विकल्प पर क्लिक करें।
कोर्स चुनें: वहां 'Digital Literacy Courses' की लिस्ट में से 'ACC' को चुनें।
फॉर्म भरें: अपनी व्यक्तिगत जानकारी जैसे नाम, पता, जन्म तिथि आदि भरें।
डॉक्यूमेंट अपलोड: अपनी फोटो, सिग्नेचर और बाएं हाथ के अंगूठे का निशान (Thumb Impression) स्कैन करके अपलोड करें।
फीस का भुगतान: आवेदन जमा करने के बाद ऑनलाइन मोड से फीस भरें।
प्रिंट आउट: भविष्य के लिए अपने एप्लीकेशन फॉर्म का प्रिंट आउट जरूर ले लें।
ACC Computer Course की फीस संरचना
आमतौर पर इस कोर्स की सरकारी परीक्षा और रजिस्ट्रेशन फीस बहुत कम होती है।
सरकारी शुल्क: लगभग ₹200 - ₹500 के आसपास (यह समय-समय पर बदल सकता है)।
प्रशिक्षण शुल्क (Training Fee): अगर आप किसी प्राइवेट इंस्टिट्यूट से पढ़ रहे हैं, तो वे अपनी सुविधा और सुविधाओं (जैसे एसी लैब, एक्स्ट्रा टाइम) के लिए ₹1,500 से ₹2,500 तक चार्ज कर सकते हैं।
कुल खर्च: औसतन ₹2,200 में आप एक बढ़िया सर्टिफिकेशन प्राप्त कर सकते हैं।
ACC vs CCC: आपके लिए कौन सा बेहतर है?
अक्सर छात्र कंफ्यूज रहते हैं कि वे ACC करें या CCC (Course on Computer Concepts)।
ACC: उन लोगों के लिए है जो बिल्कुल जीरो से शुरू कर रहे हैं और जिनके पास समय बहुत कम है (20 घंटे)।
CCC: यह थोड़ा एडवांस है और सरकारी नौकरियों (जैसे पटवारी, क्लर्क) में अनिवार्य मांगा जाता है। इसकी अवधि 80 घंटे होती है।
सलाह: यदि आप पहली बार कंप्यूटर सीख रहे हैं, तो ACC से शुरू करें। फिर CCC की ओर बढ़ें।
करियर और भविष्य की संभावनाएं
ACC कोर्स करने के बाद आप सीधे किसी बहुत बड़ी आईटी कंपनी में इंजीनियर तो नहीं बनेंगे, लेकिन आप इन भूमिकाओं के लिए तैयार हो जाएंगे:
ऑफिस असिस्टेंट: जहां बेसिक टाइपिंग और फाइलिंग का काम हो।
डाटा एंट्री ऑपरेटर (प्रशिक्षु): बेसिक डाटा एंट्री के लिए।
CSC सेंटर संचालक: आप अपना छोटा सा डिजिटल सेवा केंद्र खोल सकते हैं या वहां काम कर सकते हैं।
स्मार्ट होम मेकर: आप अपने घर के बजट, बच्चों की स्कूल फीस और अन्य डिजिटल काम खुद संभाल सकते हैं।
निष्कर्ष
ACC Computer Course डिजिटल साक्षरता की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। यह उन सभी बाधाओं को तोड़ता है जो लोगों को टेक्नोलॉजी से दूर रखती थीं। चाहे आप अपनी स्किल्स बढ़ाना चाहते हों या बस इस आधुनिक युग के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना चाहते हों, यह 20 घंटे का निवेश आपके जीवन भर काम आएगा।
आज ही अपने नजदीकी NIELIT सेंटर पर जाएं और डिजिटल आजादी की ओर अपना पहला कदम बढ़ाएं!
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
क्या ACC कोर्स के लिए कोई उम्र सीमा है?
नहीं, एसीसी कोर्स के लिए कोई ऊपरी उम्र सीमा नहीं है। कोई भी व्यक्ति जो सीखना चाहता है, वह इसमें भाग ले सकता है।
क्या एसीसी सर्टिफिकेट सरकारी नौकरियों के लिए मान्य है?
हाँ, जहाँ भी 'बेसिक कंप्यूटर साक्षरता' (Basic Computer Literacy) की मांग की जाती है, वहाँ NIELIT का एसीसी सर्टिफिकेट पूरी तरह मान्य है। हालांकि, कुछ उच्च पदों के लिए CCC की आवश्यकता हो सकती है।
क्या मैं घर बैठे एसीसी कोर्स सीख सकता हूँ?
आप थ्योरी ऑनलाइन पढ़ सकते हैं, लेकिन प्रैक्टिकल के लिए आपको कंप्यूटर की आवश्यकता होगी। साथ ही, सर्टिफिकेट के लिए आपको अधिकृत सेंटर से परीक्षा देनी होगी।
ACC कोर्स की परीक्षा कैसी होती है?
इसकी परीक्षा आमतौर पर ऑनलाइन होती है जिसमें वस्तुनिष्ठ (Objective type) प्रश्न पूछे जाते हैं। इसमें कंप्यूटर के बेसिक ऑपरेशन्स से जुड़े सवाल होते हैं।
क्या एसीसी कोर्स के बाद कोई परीक्षा शुल्क भी देना होता है?
हाँ, जब आप परीक्षा के लिए फॉर्म भरते हैं, तो आपको एक निश्चित परीक्षा शुल्क (Exam Fee) देना होता है, जो NIELIT द्वारा निर्धारित किया जाता है।


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